Shayari (शायरी)
ख़ामोशी भी एक गुफ़्तगू है — गहरा हिंदी शेर
ख़ामोशी भी एक गुफ़्तगू है, समझने वाला चाहिए, हर बात लफ़्ज़ों में बयां हो, ये ज़रूरी तो नहीं। आँखों से पढ़ ले जो दिल का फ़साना सारा, इस भरे शहर में ऐसा कोई हमनफ़स तो नहीं।
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Reflection & Context
एक दिलकश शायरी जो खामोशी की ज़ुबान और अनकहे एहसासों की गहराई को खूबसूरती से बयां करती है।
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कुछ लोग ख़ामोशी से चले जाते हैं, मगर उनकी ख़ामोशी कभी नहीं जाती। वो जो कह न सके किसी महफ़िल में, वो बात तन्हाई में समझ आती है।
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Life & ZindagiApr 19, 2026
ज़िन्दगी जीने के लिए मिली थी, हमने तो बस मुनासिब वक़्त का इंतज़ार किया। और जब वक़्त मुनासिब हुआ, तो पता चला कि मौसम ही गुज़र चुका था।
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